भुवनेश्वर में बड़ा रेल हादसा टला: झारपाड़ा पुल के पास एक ही पटरी पर आमने-सामने आईं दो खाली ट्रेनें, रेलवे ने दिए जाँच के आदेश।
भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में गुरुवार (11 जून 2026) को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब झारपाड़ा पुल के पास एक ही पटरी पर दो ट्रेनें आमने-सामने आ गईं। रेलवे कर्मचारियों और पायलटों की सूझबूझ और धीमी गति के कारण समय रहते दोनों ट्रेनों को रोक लिया गया, जिससे कोई जनहानि या क्षति नहीं हुई।
पूर्व तटीय रेलवे (ईस्ट कोस्ट रेलवे) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, घटना उस समय हुई जब एक खाली ट्रेन भुवनेश्वर स्टेशन से मंचेश्वर कोच मेंटेनेंस डिपो की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी खाली ट्रेन उसी पटरी पर मंचेश्वर डिपो से भुवनेश्वर की ओर आ रही थी। दोनों ट्रेनें एक-दूसरे के बेहद करीब पहुँच गईं, लेकिन कम गति में होने के कारण पायलटों ने तुरंत आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेनों को रोक दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार, इस घटना से यात्री सेवाएँ प्रभावित नहीं हुईं और न ही किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी घटनास्थल पर पहुँचे और ट्रेनों तथा ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। इसके बाद दोनों ट्रेनों को सावधानीपूर्वक संबंधित डिपो की ओर रवाना किया गया।
पूर्व तटीय रेलवे ने इस गंभीर चूक को ध्यान में रखते हुए जाँच के आदेश दे दिए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि सिग्नलिंग और संचालन प्रक्रिया में कहाँ त्रुटि हुई जिसके कारण दो ट्रेनें एक ही पटरी पर आ गईं। जाँच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि क्या यह मानवीय भूल थी या तकनीकी खामी।
यह घटना एक बार फिर भारतीय रेलवे में सुरक्षा मानकों और परिचालन संबंधी सतर्कता पर सवाल खड़े करती है। हालाँकि इस मामले में किसी अप्रिय घटना से बचा लिया गया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। जाँच रिपोर्ट आने तक संबंधित कर्मचारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
संजय सिन्हा | द बीबीएन पोस्ट
12 जून 2026